उरई, फरवरी 17 -- उरई। नदीगांव से 10 फरवरी को अगवा किए गए सहायक अध्यापक राघवेंद्र बीएलओ की हत्या का खुलासा करने में पुलिस को सबसे अहम सुराग खुद हत्यारोपी उसकी बुआ के लड़के कृष्ण पाल उर्फ कुलदीप ने दिया। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद जब पुलिस जांच में जुटी तो 10 फरवरी के दिन कृष्णा पाल उर्फ कुलदीप की भी नदीगांव में होना पाया गया और यहीं से वह पुलिस के टारगेट पर आ गया था। उधर दो दिनों तक जब सहायक अध्यापक राघवेंद्र बीएलओ की कोई पहचान ना हुई थी तो मध्य प्रदेश के सेवड़ा थाने की पुलिस ने उसके शव को दफन करवा दिया था पर मामला उजागर होने पर जालौन पुलिस में सेवड़ा जाकर मध्य प्रदेश पुलिस की मदद से दफन किए गए शव को बाहर निकलवाया और राघवेंद्र की पहचान उसके घरवालों से कराई। सहायक अध्यापक राघवेंद्र बीएलओ की हत्या के आरोप में पुलिस द्वारा पकड़ा गया हत्यारोपी ब...