एमडीआर रोकने में फार्मासिस्ट की बड़ी भूमिका
लखनऊ, सितम्बर 25 -- दवाएं सही तरीके से इस्तेमाल हों तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। वहीं एंटीबायोटिक का जरूरत से ज्यादा या बेजा इस्तेमाल मरीज के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। इससे दवाओं का असर कम होने लगता है। इसे एमडीआर यानी मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस कहते हैं। इसे रोकने में फार्मासिस्ट की बड़ी भूमिका है। यह बात पीजीआई के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने कही। पीजीआई में पहली बार विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया गया। डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि पीजीआई में वर्ष 1996 में फार्मेसी सिस्टम शुरू किया गया था। इसकी शुरुआत संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. महेन्द्र भंडारी ने की थी। उस समय यह देश में अपनी तरह का पहला सिस्टम था। कार्यक्रम में अभय मल्होत्रा, एसके श्रीवास्तव, धर्मेश कुमार और सीमा शुक्ला मौजूद रहे। यह भी पढ़ें- Haridwar News: एएमआ...
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