जमशेदपुर, जुलाई 26 -- एमजीएम मेडिकल कॉलेज में दो डॉक्टरों के डूबने के बाद कॉलेज प्रशासन गंभीर हो गया है। निर्णय लिया कि कॉलेज परिसर से छात्रों को रात 10 बजे के बाद गेट से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा। शनिवार को प्रचार्य ने बैठक की और निर्णय लेने के बाद परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान छात्रावास के चीफ वार्डन डॉ. उमाशंकर सिंह, वार्डन डॉ. एनके गाडिया सहित अन्य लोग थे। यह भी पढ़ें- स्लोप में फिसलकर डूबे, 10 फीट की दूरी में थीं दोनों की लाशेंकॉलेज की सुरक्षा संबंधित निर्णय इस दौरान प्राचार्य ने निर्णय लिया कि अस्पताल और कॉलेज के बीच के रास्ते को कैथलैब के पास ग्रिल का बड़ा गेट लगा दिया जाएगा, जहां दो गार्ड रहेंगे और उनके पास रजिस्टर रहेगा। हर आने-जाने वाले छात्र उसमें इंट्री करेंगे और रात में कार का आना-जाना प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा पोस्मार्ट...