सहारनपुर, मई 31 -- मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय और शोभित विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न प्रकार के शहद एवं मधुमक्खी पालन से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वाई. विमला, शोभित विश्वविद्यालय के डीन (रिसर्च) एवं स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज़ के निदेशक डॉ राजीव दत्ता, डॉ विनय कुमार मौजूद रहे। बैठक में यूकेलिप्टस, अकैसिया, मोरिंगा तथा सूरजमुखी से प्राप्त होने वाले शहद की गुणवत्ता, पोषण मूल्य, औषधीय गुणों और उनके वैज्ञानिक अध्ययन की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने मधुमक्खी पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, जैव विविधता संरक्षण तथा कृषि उत्पादकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया।बैठक यह भी पढ़ें- उषा मार्टिन...