सीतामढ़ी, फरवरी 18 -- सीतामढ़ी। जिले के आलू उत्पादक किसानों को अधिकतर घाटे के दौर से गुजरना पड़ता है। अपनी कड़ी मेहनत एवं खेती में लागत पूंजी का समुचित मुनाफा आलू उत्पादक किसानों को नहीं मिल पा रहा है। जिले में किसान आलू की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं। बाजार में आलू का भाव बढ़ा हुआ देख किसान बड़े पैमाने पर आलू की खेती कर बैठते हैं। जब उनके खेतों से आलू निकालने का समय आता है। तब आलू के भाव इतने गिर जाते हैं कि उनकी लागत पूंजी भी निकलना मुश्किल हो जाता है। आलू के भाव बढ़ने की प्रत्याशा में अपना आलू कोल्ड स्टोरेज में महंगे दर पर किराया देकर रखते हैं। किंतु कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने के वक्त भी कभी-कभी उन्हें किराए की राशि भी प्राप्त होने की आफत हो जाती है। लिहाजा किसान औने पौने दाम पर अपना आलू व्यापारियों के हाथों बेच देते हैं या फिर कोल्ड स्टोर...
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