सीतामढ़ी, अप्रैल 16 -- सीतामढ़ी। जिले के किसान आज भी अपने अनाज की बिक्री को लेकर असमंजस और मजबूरी में फंसे हुए हैं। अधिकांश किसान या तो सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचते हैं या फिर बिचौलियों को सीधे खेत और खलिहान से ही अनाज दे देते हैं। हालांकि व्यवहार में देखा जाए तो बिचौलियों के माध्यम से बिक्री का चलन अधिक है। किसानों का कहना है कि बिचौलियों को अनाज देने के पीछे सबसे बड़ा कारण बिक्री की सहजता और तत्काल नकद भुगतान है। खेत या खलिहान से ही अनाज उठ जाने से उन्हें परिवहन और भंडारण की परेशानी से भी राहत मिल जाती है। यह भी पढ़ें- बढ़ती लागत और बाजार की अव्यवस्था से जूझ रहे किसान, पेज 4 लीड सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने में कई औपचारिकताओं का सामना करना पड़ता है।जिले के कुछ ही किसानों को एमएसपी का मिलता है लाभ : सरकारी क्रय केंद्रों पर धान का ...
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