एमएसएमई ने जीएसटी सुधारों को सराहा, नकदी प्रवाह बढ़ाने पर जोर
लखनऊ, जून 27 -- भारत के आर्थिक विकास, निर्यात और रोजगार में अहम भूमिका निभाने वाले एमएसएमई अब जीएसटी को सिर्फ अनुपालन नहीं, बल्कि औपचारिकता और परिचालन दक्षता का माध्यम मान रहे हैं। डेलॉइट इंडिया के 'जीएसटी 2.0: द नेक्स्ट फेज' सर्वे के मुताबिक, एमएसएमई अब 'अपनाने से अनुकूलन' की ओर बढ़ रहे हैं और नकदी सुधार व अनुपालन सरलीकरण के पक्ष में हैं। डेलॉइट साउथ एशिया के प्रेसिडेंट टैक्स गोकुल चौधरी ने कहा कि एमएसएमई कुल उत्पादन का एक-तिहाई और निर्यात का आधा हिस्सा देते हैं। जीएसटी सप्लाई चेन और पारदर्शी इकोसिस्टम का उत्प्रेरक है। अगली पीढ़ी के सुधारों में रिफंड सुधार, इनपुट टैक्स क्रेडिट नियम सरल करना और क्रेडिट का निर्बाध उपयोग जरूरी है। डेलॉइट इंडिया के इनडायरेक्ट टैक्स लीडर महेश जय सिंह ने बताया, 69% एमएसएमई इनपुट सेवाओं-पूंजीगत वस्तुओं तक इनवर्...
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