घाटशिला, अगस्त 21 -- पोटका। केंद्र सरकार द्वारा पारित एमएमडीआर (खान और खनिज (विकास एवं विनियमन)) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। इसी क्रम में भूमिज समाज की पारंपरिक सरदार, मुड़ा, नाया एवं डाकुआ स्वशासन व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों ने विधेयक का विरोध करते हुए खनिज संपदा पर स्थानीय ग्रामसभा के अधिकार को प्राथमिकता देने की मांग की है। यह भी पढ़ें- केंद्र सरकार के खान और खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ वाम दलों का जोरदार प्रतिवाद मार्चविरोध का कारण तेंतला में आयोजित पत्रकार वार्ता में समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ क्षेत्र में उपलब्ध खनिज संपदा पर भी सबसे पहला अधिकार स्थानीय ग्रामसभा का होना चाहिए। इसके बाद ही राज्य सरकार और केंद्र सरकार की भूमिका तय होनी चाहिए। यह भी पढ़ें- खान खनिज संशोध...