जमशेदपुर, सितम्बर 23 -- एमएमडीआर संशोधन अधिनियम 2026 को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है। राज्य सरकार के इस संशोधित कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी के बीच झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सह बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने सोमवार को सर्किट हाउस में संवाददाता सम्मेलन किया। उन्होंने भाजपा नेताओं के बयानों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि झारखंड के खनन और खनिज संसाधनों से जुड़े मामलों की तुलना सीधे अन्य राज्यों से नहीं की जा सकती। कुणाल षाड़ंगी ने स्पष्ट किया कि झारखंड में कोयले की गुणवत्ता, खनन क्षेत्र और सामाजिक-सांस्कृतिक परिस्थितियां भिन्न हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में लगाया जाने वाला सेस ओडिशा की तुलना में कम है। खनन प्रावधानों की समीक्षा में स्थानीय परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। नेता प्रतिपक्ष...