एमएमएमई देश की अर्थ व्यवस्था की रीढ़: उद्यमी
रामपुर, जून 27 -- उद्यमियों ने एमएसएमई को देश की अर्थ व्यवस्था की रीढ़ बताया है। उन्होंने कहा कि आज शहर से लेकर गांव-देहात तक एमएस-एमई के जरिए लोग इकाइयां स्थापित कर रोजगार से न सिर्फ जुड़ रहे हैं बल्कि, दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। एमएसएमई दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन श्रीश गुप्ता ने बताया कि वर्तमान समय में देश में लगभग 7 करोड़ एमएसएमई इकाइयां पंजीकृत हैं। देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एमएसएमई क्षेत्र का लगभग 30 प्रतिशत योगदान है, जबकि उत्पादन क्षेत्र में इसकी हिस्सेदारी 35 प्रतिशत है। इसके अलावा देश के कुल निर्यात में लगभग 47 प्रतिशत योगदान एमएसएमई क्षेत्र का है। यह भी पढ़ें- उद्योगों के विकास की रणनीति पर मंथन, नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर पिछले पांच वर्षों में एमएसएमई का निर्यात...
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