एमएनएनआईटी: अब सिसल के रेशे बढ़ाएंगे भवनों की मजबूती
प्रयागराज, जून 18 -- प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता। निर्माण क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल और कम लागत वाली तकनीक की तलाश के बीच मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा नवाचार विकसित किया है, जो भविष्य में सस्ते और टिकाऊ मकानों के निर्माण का आधार बन सकता है। सिविल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनूपम रावत ने सिसल पौधे से प्राप्त प्राकृतिक रेशों को ग्लास फाइबर और सीमेंट के साथ मिलाकर एक नई कंपोजिट निर्माण सामग्री तैयार की है। शुरुआती परीक्षणों में यह सामग्री पारंपरिक निर्माण सामग्री की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ साबित हुई है। इस शोध के निष्कर्ष आठ इम्पैक्ट फैक्टर वाले अंतरराष्ट्रीय जर्नल कंस्ट्रक्शन एंड बिल्डिंग मैटेरियल्स के हालिया अंक में प्रकाशित हुए हैं।
सिसल रेशे का विशेष रासायनिक उपचार डॉ. रा...
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