नई दिल्ली, जून 14 -- नई दिल्ली। भारत द्वारा हाल के वर्षों में किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से देश के फर्नीचर उद्योग के निर्यात और घरेलू विनिर्माण को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इन समझौतों के तहत मिलने वाली शुल्क रियायतें भारतीय कंपनियों को विदेशी बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देंगी तथा देश में निवेश और उत्पादन क्षमता विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा। अनुमानों के अनुसार, भारतीय फर्नीचर बाजार का आकार 30 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। वर्तमान में भारत वैश्विक फर्नीचर निर्यातकों में 16वें स्थान पर है। भारत ने अब तक मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) समूह और ओमान के साथ एफटीए लागू किए हैं। इसके अलावा न्यूजीलैंड और ब्रिटेन के साथ ऐसे समझौते किए जा चुके...