सीतामढ़ी, मार्च 3 -- सीतामढ़ी। जिले में खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान समय पर शुरू नहीं होने से पशुपालक किसानों की चिंता बढ़ गई है। पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए चलाया जाने वाला यह महत्वपूर्ण अभियान अब तक धरातल पर नहीं उतर सका है। जबकि विभागीय योजना के अनुसार जिले की 273 पंचायतों में व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जाना था। पांच लाख से अधिक पशुओं का होना है टीकाकरण : जानकारी के अनुसार इस अभियान के दौरान जिले में पांच लाख से अधिक दुधारू और अन्य पशुओं को एफएमडी का टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। यह टीका गाय, भैंस, बछड़ा सहित अन्य मवेशियों को खुरपका-मुंहपका जैसी अत्यंत संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए लगाया जाता है। यह बीमारी फैलने पर पशुओं के मुंह और खुर में घाव हो जाते हैं। जिससे दूध उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ता ह...
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