आगरा, नवम्बर 1 -- रूस की राजधानी मॉस्को में आयोजित प्रतिष्ठित एशियाई संसदीय सभा (एपीए) की बैठक में उस समय गर्व क्षण आया जब जब भारत की समृद्ध सभ्यता, संस्कृति, लोकतंत्र और आध्यात्मिक विरासत का स्वर अंतरराष्ट्रीय मंच से गूंजा। इस बैठक में रूस, ईरान, तुर्की, चीन, श्रीलंका, नेपाल, थाईलैंड, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, बहरीन, यूएई, जॉर्डन, मंगोलिया, कजाकिस्तान सहित दर्जनों देशों के सांसदों, प्रतिनिधियों और राजनयिकों ने भाग लिया। भारत का नेतृत्व कर रहे सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि भारत आज न केवल आर्थिक, तकनीकी और वैज्ञानिक क्षेत्र में अग्रणी है, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व शांति, सतत विकास और मानव कल्याण की दिशा में अभूत...
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