रुद्रपुर, मार्च 8 -- रुद्रपुर, संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संगठन (एपवा) ने महिलाओं के संघर्षों को याद करते हुए एक गोष्ठी की। जिसमें महिला कामगारों को अधिकार और सम्मान देने की मांग उठाई गई। एपवा संयोजक शोभना ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास महिला मजदूर आंदोलनों और उनके संघर्षों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि मार्च 1908 में महिला मजदूर आंदोलन, 1910 में डेनमार्क में महिलाओं का सम्मेलन और 8 मार्च 1917 को रूस की कामगार महिलाओं की हड़ताल जैसे ऐतिहासिक घटनाक्रमों ने महिला अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी। 'रोटी और शांति' के लिए की गई हड़ताल ने रूस में जारशाही को समाप्त कर दिया था। बार काउंसिल सदस्य अमनदीप कौर ने कहा कि जिन अधिकारों के लिए महिलाओं ने लंबा संघर्ष किया। प्रीति मौर्य ने कहा कि सम...
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