नई दिल्ली, जून 15 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) अचानक राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गई है। टीएमसी के बागी सांसदों द्वारा एनसीपीआई में विलय का ऐलान किए जाने के बाद यह दल लोकसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का सबसे बड़े सहयोगी बनने की स्थिति में पहुंच सकता है। यह भी पढ़ें- एनसीपीआई बन सकती है एनडीए की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगीबागी सांसदों का समर्थन बागी सांसदों ने संसद में एनडीए को समर्थन देने का भी फैसला किया है। यदि लोकसभा अध्यक्ष द्वारा इस विलय को मान्यता मिल जाती है, तो एनसीपीआई के पास 20 सांसद हो जाएंगे। इसके साथ ही वह लोकसभा की पांचवी सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी और भाजपा के बाद एनडीए की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी होग...