नई दिल्ली, अक्टूबर 3 -- राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्लयू) ने केंद्र सरकार को मातृत्व और शिशु-देखभाल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 37 सुझाव दिए हैं। इनमें निजी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए लिंग-भेद रहित बाल देखभाल अवकाश देना, सभी सेक्टर में अनिवार्य सवैतनिक पितृत्व अवकाश लागू करना और 2030 तक पांच लाख शिशु देखभाल केंद्रों की स्थापना शामिल है। ये सुझाव 5 मई को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में एनसीडब्लयू द्वारा आयोजित मातृत्व और शिशु-देखभाल से जुड़े कानूनों पर राष्ट्रीय विचार-विमर्श के दौरान हुई चर्चाओं पर आधारित हैं।आयोग ने अपने सुझाव वाली रिपोर्ट कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को सौंप दी है।इसने यह भी पढ़ें- 'जेंडर न्यूट्रल हो चाइल्ड केयर लीव', NCW की सरकार को सिफारिश, क्रेच स...