एनडीपीएस परिवाद मामलों में बिना आरोपी को सुने संज्ञान नहीं : हाईकोर्ट
लखनऊ, मई 21 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों को अपने एक आदेश में स्पष्ट किया है। कहा है कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दायर परिवाद मामलों में अदालत आरोपी को सुनवाई का अवसर दिए बिना संज्ञान नहीं ले सकती। न्यायालय ने कहा कि बीएनएसएस की धारा 223(1) में दी गई व्यवस्था का पालन करना अनिवार्य है। आगे कहा कि प्रश्नगत मामले में संज्ञान आदेश में मात्र इतना दर्ज है कि परिवाद और उसके साथ लगे दस्तावेजों का अवलोकन किया गया, लेकिन आरोपी को सुनवाई का अवसर दिए जाने का कोई उल्लेख नहीं है। न्यायालय ने इसे धारा 223(1) का उल्लंघन मानते हुए, संज्ञान आदेश को निरस्त कर दिया। यह भी पढ़ें- शिकायत पर संज्ञान लेने से पहले आरोपी का पक्ष सुनना जरूरी : सुप्रीम कोर्ट यह निर्णय न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की एकल पीठ ने शत्रुघ्न कुमार...
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