मथुरा, अप्रैल 11 -- एनडीआरएफ के जवान शाम को करीब 6:15 बजे यमुना पर पहुंच गये और काम शुरू कर दिया। एनडीआरएप की एक टीम यमुना में मांट की दिशा में पहुंची और एक टीम वृंदावन की दिशा में पहुंची। दोनों ही टीमों पर दो-दो बोट थीं। कुछ ही देर में दोनों ही टीमों ने अपनी बोट तैयार कीं और पानी में उतार दिया। इनके साथ ही मांट की दिशा से एनडीआरएफ के दो गोताखोर तैयार हो गये। दोनों की पीठ पर ऑक्सीजन का सिलेंडर लदा हुआ था। बोट में सवार होकर दोनों यमुना में गये और गोता लगा गये। गहरे पानी में जाकर दोनों काफी दूर तक देखते रहे लेकिन समाचार लिखे जाने तक उन्हें कुछ नहीं मिल सका। इससे पूर्व एनडीआरएफ ने ड्रोन उड़ाकर यमुना में उस स्थल को समझा, जहां हादसा हुआ था।ये हो सकते हैं हादसे के कारणमथुरा, मुख्य संवाददाताइस हादसे का कारण फिलहाल जो नजर आरहा है, उसमें लापरवाही ...
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