एनटीपीसी के सिरदर्द बना ऐशपौंड की पर्याप्त ढूलाई न होना
चतरा, जून 29 -- टंडवा निज प्रतिनिधि करणपुरा पावर प्लांट से ऐशपौंड की पर्याप्त ढूलाई न होना एनटीपीसी प्रबंधन के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है। बताया गया कि जिस प्लांट से हर रोज 10 से 12 हजार टन ऐशपौंड की उत्पादन हो रही है वहां आधा दर्जन ट्रांसपोर्टिग कंपनियां मात्र ढाई हजार टन डिस्पैच कर पा रही है। जानकारी के अनुसार तीनों युनिट से 1980 मेगावाट बिजली उत्पादन में हर रोज 25 हजार टन से अधिक कोयले की खपत है जिसका 40 फीसदी ऐशपौंड अर्थात राख की उत्पादन होती है। इसी राख को बिहार समेत अन्य जगहों में निर्माणाधीन नेशनल हाइवे रोड में एक साल तक डिस्पैच के लिए एनटीपीसी ने 300 करोड़ का टेंडर निकाला था। यह टेंडर 35 फीसदी लो रेट डालकर आधा दर्जन कंपनियों ने यह ठेका हासिल कर लिया। बताया गया कि आधा दर्जन कंपनियां हर रोज 60 से 80 हाइवा ऐशपौंड की ढूलाई कर पा रहे ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.