भागलपुर, मार्च 1 -- ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एनटीपीसी कहलगांव ने प्राचीन बौद्ध शिक्षा केंद्र विक्रमशिला महाविहार के विकास एवं संरक्षण के लिए अहम कदम उठाया है। एनटीपीसी कहलगांव ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण तथा राष्ट्रीय संस्कृति कोष के साथ दो करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह राशि महाविहार के संरक्षण, पुनर्स्थापन तथा आधारभूत पर्यटन सुविधाओं के विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान एनटीपीसी कहलगांव के परियोजना प्रमुख रविन्द्र पटेल एवं राष्ट्रीय संस्कृति कोष के संरक्षण निदेशक सुंदर पॉल के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर एनटीपीसी तथा एएसआई के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।...
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