प्रयागराज, सितम्बर 11 -- प्रयागराज। नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र एवं योग विभाग की ओर से 'आधुनिक मानव जीवन शैली में दर्शनशास्त्र की उपादेयता' विषय पर विशेष व्याख्यान हुआ। मुख्य वक्ता जैन विश्व भारती इंस्टीट्यूट, लाडनूं के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा कि दर्शन केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, बल्कि जीने की कला है। कुलपति प्रो. बृज बिहारी तिवारी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा आधुनिक जीवन की जटिलताओं का समाधान प्रस्तुत करती है। प्रति-कुलपति डॉ. एससी तिवारी ने भी विचार रखे।

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