कानपुर, जून 3 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। पर्यावरणीय संरक्षण अधिनियम से लगे भारी भरकम जुर्माने को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में चुनौती देने वाली कंपनी जॉनसन मैथे केमिकल्स को बड़ी राहत नहीं मिल सकी। एनजीटी ने उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की कार्रवाई को जायज ठहराया। हालांकि, इस दौरान जुर्माना वसूली के लिए दिनों की संख्या एनजीटी ने कम कर दी है, जिससे कंपनी को अब 38.50 लाख रुपये पर्यावरणीय क्षति मद में जमा करने होंगे। जॉनसन मैथे केमिकल्स कंपनी ने यूपीपीसीबी के 24 फरवरी 2025 के आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत 11 जुलाई 2024 से 26 दिसंबर 2024 तक 168 दिनों तक प्रदूषण नियंत्रण के मानकों के उल्लंघन की अवधि के लिए 42 लाख की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई थी। मामले की सुनवाई एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और डॉ. अफ...