संवाददाता, सितम्बर 2 -- UP News: कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे का एनकाउंटर हुए छह साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसका डेथ सर्टिफिकेट नहीं बन सका है। वजह महज एक अक्षर की गलती है। पंचायतनामा में विकास दुबे के पिता का नाम रामकुमार की जगह राजकुमार दर्ज हो गया, जिसके चलते मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया अटक गई। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने दस्तावेजों की जांच शुरू कर नाम सही कराने की कवायद शुरू की है। विकास दुबे का डेथ सर्टिफिकेट अभी तक नहीं बन सका। दरअसल, उसके पिता का नाम रामकुमार है और पंचायतनामा में गलती से राजकुमार लिख गया है। इसी वजह से पेच फंसा हुआ है। मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद मंगलवार को सीएमओ डॉक्टर हरिदत्त नेमी ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर दस्तावेजों की पड़ताल की। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों क...