रांची, अगस्त 4 -- रांची। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस महेश शरद चंद्र सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के 14 मई 2024 के सर्कुलर को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर शीघ्र सुनवाई का आग्रह स्वीकार करते हुए 20 अगस्त की तिथि निर्धारित की है। याचिका धनबाद के अधिवक्ता मो. मुमताज अंसारी ने दायर की है, जबकि मेंशन अधिवक्ता मो. शादाब अंसारी ने किया। याचिका में कहा गया है कि एनएचआरसी ने 2020 के उस सर्कुलर को गलत तरीके से निरस्त कर दिया, जिसमें हिरासत में मौत, गुमशुदगी और दुष्कर्म के मामलों में न्यायिक जांच अनिवार्य थी। याचिकाकर्ता का तर्क है कि बीएनएसएस की धारा 196(2) के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट की जांच अब भी अनिवार्य है और कार्यपालक दंडाधिकारी की जांच उसका विकल्प नहीं हो सकती। यह भी पढ़ें- नियमावली को चुनौती ...