सहारनपुर, जुलाई 2 -- देवबंद। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सरकार द्वारा अपनाई जा रही वर्तमान प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की। कहा कि देश में जो कुछ हो रहा है, वह केवल मतदाता सूची के पुनरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के बुनियादी लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला बनता जा रहा है। बुधवार को मीडिया को जारी बयान में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशन मदनी ने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक को बार-बार अपनी नागरिकता और मतदान का अधिकार साबित करने के लिए मजबूर किया जाएगा, तो यह केवल वोट का नहीं बल्कि संविधान, लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रता का प्रश्न बन जाएगा। यह भी पढ़ें- एसआईआर की आड़ में मुस्लिमों को बनाया जा रहा निशाना : मदनी कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने पहले भी व...