लखनऊ, जुलाई 13 -- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि एथनॉल' मुनाफाखोरी का नया नाम है। ये 'सरकारी मिलावट' का एक ऐसा त्रि-मिश्रण है जिसमें सरकार, एथनॉल बनाने वालों और तेल कंपनियों की साझेदारी है। यह भी पढ़ें- टैंकर से पेट्रोल चुराकर खुद का एथनॉल मिलाते; 75 रुपए/लीटर बेचते, लखनऊ में पकड़ा गया गैंगएथनॉल से जुड़ी समस्याएँ अखिलेश ने सोमवार को जारी बयान में कहा है कि एथनॉल के समर्थन में तर्क ये दिया जाता है कि इससे प्रदूषण कम होगा, आयात बिल घटेगा, क्योंकि कच्चे तेल पर निर्भरता घटेगी। सरकार पर ये नहीं बता रही है कि इससे गाड़ियों की माइलेज गिरती है और गाड़ियां जल्दी खराब हो रही हैं। स्टार्टिंग की समस्या बढ़ गई है, कुल मिलाकर कम एवरेज की वजह से तेल ज्यादा डलवाना पड़ रहा है, गाड़ियां बीच सड़क में धोखा दे रही हैं, जिससे मेंटेनेंस कॉस...