सीतापुर, मार्च 17 -- सीतापुर, संवाददाता। तीसरा अशरा शुरू होने पर मस्जिदों में एतिकाफ के लिए लोग पहुंच गये हैं। एतिकाफ रमजान की अहम इबादतों में से एक है। इसमें 21 वें रमजान से ईद का चांद दिखने तक इबादतगार मस्जिद में रहकर इबादत करते हैं। इस दौरान इबादतगार मस्जिद से बाहर नहीं जा सकते। सहरी और इफ्तार भी मस्जिद में करना होता है। मदरसा इर्शादुल उलूम के प्रबंधक हाफिज सलमान ने बताया कि एतिकाफ करने वालों को मस्जिद में पूरी पाबंदी के साथ रहना चाहिए। घर से दूर मस्जिद में बैठने से ज्यादा इबादत होती है, क्योंकि आमतौर पर घर पर कई काम होने से ज्यादा इबादत हो नहीं पाती। ऐसे में एतिकाफ में बैठने वाले इबादतगारों के पास अल्लाह की इबादत का अच्छा मौका होता है। अगर मोहल्ले के किसी मस्जिद में कोई एतिकाफ में नहीं बैठा है तो किसी को इसके लिए राजी करना चाहिए, क्यो...
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