गोंडा, जुलाई 28 -- गोंडा, विधि संवाददाता। बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा अधिवक्ता अधिनियम, 1961 में प्रस्तावित संशोधनों के विरोध में बार एसोसिएशन गोंडा ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे अधिवक्ता हितों के प्रतिकूल बताया है।

संशोधन पर आपत्ति बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सचिव के पत्र के क्रम में आयोजित बैठक में एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से प्रस्तावित संशोधनों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए इन्हें तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की। बार एसोसिएशन गोंडा के अध्यक्ष रविचंद्र त्रिपाठी महामंत्री सुनील कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रस्तावित संशोधन अधिवक्ताओं के सम्मान एवं स्वतंत्र विधि व्यवसाय की भावना के अनुरूप नहीं हैं। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि यह संशोधन अधिवक्ताओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित एवं अनावश्यक रूप से नियंत्रित करने वाला है, जिसका प्...