एटा, अप्रैल 20 -- स्वास्थ्य विभाग में नेत्र और मानसिक चिकित्सक न होने की वजह से यह दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दूसरे जनपद के मेडिकल कालेज जांच को भेजे जा रहे है। जहां से एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट आने के बाद दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी हो पा रही है। स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से नेत्र और मानसिक रोग चिकित्सक नहीं है। इस वजह से दिव्यांग बोर्ड में आने वाले मानसिक और नेत्र दिव्यांगों को जांच के लिए मेडिकल कालेज एवं आगरा मानसिक रोग हॉस्पिटल भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग से रेफर किए जाने के बाद जांच रिपोर्ट लेकर आने में दिव्यांगों को एक से दो सप्ताह का समय लग जाता है। यह भी पढ़ें- शिविर में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जुटी दिव्यांगों की भीड़ आगरा जाने में दिव्यांगों को अनावश्यक रूप से परेशानी और व्यय करना पड़ रहा है। इ...
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