गुड़गांव, अप्रैल 1 -- गुरुग्राम, वरिष्ठ संवाददाता। गुरुग्राम में रसोई गैस की किल्लत अब घरेलू सिलेंडरों से आगे बढ़कर व्यावसायिक सिलेंडरों तक पहुंच गई है। शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों पर व्यावसायिक गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण रेहड़ी-पटरी लगाने वाले और स्ट्रीट वेंडरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस संकट इतना गहरा गया है कि शहर में रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले लगभग 30 से 40 फीसदी स्ट्रीट वेंडरों का कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। जो लोग फास्ट फूड, चाय, चाउमीन, मोमोज और अन्य खाने-पीने का सामान बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं, उनके सामने अब रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गैस एजेंसियों के लगातार चक्कर काटने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस संकट ने शहर के गरीब और मध्यम वर्ग के छोटे व्यापार...