रुडकी, मई 14 -- सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों को लगाई जा रही एचपीवी वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद बेहद कम संख्या में किशोरियां वैक्सीन लगवाने पहुंच रही हैं। ऐसे में अब विभाग ने दोबारा अभियान तेज करने का फैसला लिया है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने और स्कूलों में संपर्क बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से पहली बार किशोरियों के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन शुरू की गई है। यह वैक्सीन 14 वर्ष से लेकर 15 वर्ष तीन माह तक की किशोरियों को लगाई जा रही है। अभियान की शुरुआत मार्च माह में सिविल अस्पताल से हुई थी। शुरुआती दिनों में विभाग को उम्मीद थी कि बड़ी संख्या में किशोरियां इसका लाभ लेंगी, लेकिन अब तक लक्ष्य के मुकाबले काफी ...