महाराजगंज, फरवरी 26 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम हाई रिस्क प्रेग्नेंसी यानी एचआरपी की पहचान व प्रबंधन को लेकर सीएमओ कार्यालय सभागार में कार्यशाला आयोजित हुई। स्टेट ट्रेनर डॉ. संदीप ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के लक्षण, पहचान के साथ उसका प्रबंधन करने के बारे में जानकारी दी। डिस्ट्रिक्ट ट्रेनर डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी सिंह ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में प्रसव होने तक हीमोग्लोबिन का स्तर 12 प्लस होना चाहिए। इससे कम होने पर महिला हाई रिस्क प्रेग्नेंसी होती है। इस स्थिति में गर्भवती महिलाओं को त्वरित इलाज जरूरी है। इसके लिए नियमित संतुलित आहार लेने के साथ ही जरूरत पड़ने पर आयरन सुक्रोज देना होता है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी को चिह्नित करने, पैथॉलोजी जांच कराने और हायर सेंटर रेफर करने के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में एचई...
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