बिहारशरीफ, मार्च 13 -- खबर का असर : एचआईवी प्रकरण : स्वास्थ्य विभाग को दोष सिद्ध करने में लगे 5 साल, दोषी चिकित्सक की पेंशन रुकी सदर अस्पताल में 5 नवंबर 2021 को स्वस्थ महिला को भूलवश चढ़ा दिया था एचआईवी संक्रमित खून महिला के साथ ही बच्चा भी हो चुका है संक्रमित सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है लैब टेक्निशियन फोटो : सदर अस्पताल : सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक। बिहारशरीफ, एक संवाददाता। सदर अस्पताल में प्रसव के लिए आयी एक स्वस्थ महिला को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में पांच साल बाद फैसला आया है। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टर की लापरवाही साबित करने में पांच साल लग गए। जांच में दोषी पाए जाने पर सदर अस्पताल ब्लड बैंक के तत्कालीन प्रभारी चिकित्सक डॉ. राम कुमार प्रसाद की पेंशन कटौती का आदेश दिया है। सेवानिवृत्त होने के बाद से दो साल तक की पांच फीस...
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