पटना, मई 31 -- पति-पत्नी के बीच संवादहीनता, भावनात्मक दूरी और एक-दूसरे की जिंदगी से धीरे-धीरे बेपरवाह हो जाना अब रिश्तों में एक नई प्रवृत्ति के रूप में उभर रहा है। समाज, परिवार और लोकलाज के कारण कानूनी तलाक से बचते हुए कई दंपती 'मौन तलाक' (साइलेंट डिवोर्स) का रास्ता अपना रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की वैवाहिक सलाहकार समिति के अध्ययन में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। अप्रैल 2026 में ऑनलाइन माध्यम से किए गए इस अध्ययन में बिहार के 1.80 लाख दंपतियों को शामिल किया गया। अध्ययन में पाया गया कि ऐसे मामलों में पति-पत्नी कानूनी रूप से साथ रहते हैं, लेकिन उनके बीच भावनात्मक और वैवाहिक संबंध लगभग समाप्त हो चुके होते हैं। बच्चों की परवरिश और सामाजिक छवि बनाए रखने के लिए वे एक ही घर में रहते हैं, जबकि निजी जीवन में एक-दूसरे से लगभग कट चु...