एक साल बाद भी एमजीएम अस्पताल में नहीं बना कैदी वार्ड
जमशेदपुर, जून 18 -- एमजीएम अस्पताल को डिमना में शिफ्ट हुए एक साल से अधिक हो गया, लेकिन यहां कैदी वार्ड नहीं बन सका। नतीजतन कैदियों को आम मरीजों के संग रखा जाता है। ऐसी स्थिति में कैदी और मरीज दोनों सुरक्षित नहीं रहते हैं। एमजीएम अस्पताल में जब भी कोई अपराधी आता है तो वह मरीजों के बीच ही रहता है। कुछ महीने पहले गैंगस्टर फहीम खान को बीमार होने पर एमजीएम अस्पताल भेजा गया था तो उसे पुलिस सुरक्षा में इमरजेंसी वार्ड में रखा गया था। इस दौरान उस कमरे में अन्य कैदी भी थे। मरीज के साथ कुछ पुलिस वाले कमरे में और कई पुलिस वाले कमरे के बाहर थे। अगले दिन उसे ले जाया गया, लेकिन जबतक वह भर्ती था, आम मरीज दहशत में थे। पिछले दिनों हत्या का एक आरोपी ईएनटी विभाग के एक सामान्य वार्ड में भर्ती था, जहां सामान्य मरीज भर्ती रहते हैं। उसके साथ पुलिस भी थी। उस मरीज...
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