जमुई, जनवरी 3 -- सोनो। निज संवाददाता छप्परडीह गांव के नैयकाटांड गांव में मातमी माहौल कायम है। शुक्रवार को जब दोनों मासूमों का जनाजा उठा, तो पूरे गांव की आंखें नम थीं। कल तक शमशीर का आंगन जो बच्चों की किलकारियां से गुंजायमान था वह पलक झपकते ही मातम में बदल गया। खेल-खेल में मासूम अलीशा का पैर फिसला और वह कुएं में जा गिरी। बहन को डूबता देख मासूम भाई आमिर अपने बहन को बचाने मौत के कुआं में छलांग लगा दी। देखते ही देखते मां और बड़ी बहन भी उन्हें निकालने के लिए नीचे कुआं में उतर गईं, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। इस हृदयविदारक घटना को लेकर गांव में दो तरह की चर्चा हैं। पारिवारिक सदस्य इसे पूरी तरह एक हादसा बता रहे हैं, तो वहीं दबी जुबान में कुछ ग्रामीण इसे घरेलू विवाद से उपजा आवेश में मृतक मासूमों के मां द्वारा उठाए आत्मघाती कदम भी बता रहें ह...
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