नई दिल्ली, मार्च 2 -- दक्षिणी दिल्ली के जोर बाग स्थित शाह-ए-मर्दान करबला में रविवार शाम सैकड़ों महिलाएं एकट्ठा हुईं। महिलाओं ने यहां पहुंचकर ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत पर शोक जताया। काले अबाया और नकाब पहने महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहीं। कुछ दुआएं पढ़ती दिखीं, तो कई की आंखें नम थीं।86 साल के बुजुर्ग की क्या गलती थी? इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मी नगर से आई जैबुन्निसा जैदी अपने परिवार के 6 सदस्यों के साथ पहुंचीं। हाथ में मोमबत्ती थामे उन्होंने कहा, "उन्होंने इंसानियत के लिए आवाज उठाई। एक 86 साल के बुजुर्ग की क्या गलती थी? अगर इंसानियत के साथ खड़ा होना जुर्म है, तो हम सब गुनहगार हैं।"यह पूरी दुनिया का नुकसान है गाजियाबाद की बीएससी फर्स्ट ईयर की छात्रा दिलकश ने बताया कि सुबह जैसे ही उन्हें निधन की ...