लखनऊ, दिसम्बर 12 -- राज्य सरकार ने शामली में सहायक महानिरीक्षक निबंधक (एआईजी) रविंद्र मेहता व कंप्यूटर ऑपरेटर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने पर एआईजी को निलंबित कर दिया है और संविदा पर रखे गए आपरेटर की सेवा समाप्त कर दी गई है। स्टांप तथा पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को शत-प्रतिशत लागू करने की बात दोहराते हुए कहा है कि सरकार जनता के हित से कोई समझौता नहीं करेगी। रविंद्र मेहता सहायक महानिरीक्षक निबंधक शामली और अश्विनी कुमार कंप्यूटर ऑपरेटर सेवा प्रदाता को एक लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में 9 दिसंबर को थाना-आदर्शनगर, शामली में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 के तहत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। एंटी करप्शन कोर्ट ने रवीं...