उरई, मार्च 19 -- उरई। नवरात्र पर इन्टैक अध्याय व भारत विकास परिषद स्वामी विवेकानंद शाखा ने एक रुपये के नोटों की भव्य दीर्घा लगाई गई। दीर्घा में वर्ष 1917 के ब्रिटिश साम्राज्य के सभी प्रकार के नोटों को प्रदर्शित किया गया। साथ ही स्वतंत्र भारत सरकार द्वारा जारी किए सभी 64 प्रकार के नोटों को भी प्रदर्शित किया। दीर्घा की विशेष बात यह है कि इसमें बहुत से वित्त सचिवों के हस्ताक्षरों से युक्त पूरे 100 नोटों के पैकेट तथा कुछ पूरे बंडल भी प्रदर्शित किए गए हैं। दीर्घा का शुभारम्भ डॉ. मनोज दीवौलिया ने किया। डा दीवौलिया ने कहा एक रुपये के नोट को प्रचलन में तो मैने देखा है परन्तु अब तो ये नोट दिखते ही नहीं हैं। यहां पर एक रुपया के इतने प्रकार के नोट आज मैं पहली बार देख रहा हूं। डॉ. हरीमोहन पुरवार ने बतलाया एक रुपये का नोट अब लुप्तप्राय हो गया है। उन्ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.