गिरडीह, अक्टूबर 1 -- बगोदर, प्रतिनिधि। बगोदर के कुसमरजा पंचायत के खटैया गांव निवासी वीरेंद्र महतो को पलायन किए महज एक माह हुआ था। परिवार की माली हालत सुधारने और पत्नी-बेटे के बेहतर भविष्य का सपना लेकर वह करीब एक माह पूर्व छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हुआ था। किसी ने नहीं सोचा था कि एक माह बाद उसकी अर्थी ही गांव लौटेगी। परिजनों के अनुसार, विरेंद्र गांव में ही रहकर कुछ करना चाहता था, लेकिन काम नहीं मिलने पर रामचंद्रा कंपनी में मजदूरी के लिए छत्तीसगढ़ चला गया। वहां अभी वह काम को ठीक से समझ भी नहीं पाया था कि संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत की खबर आई और फिर मौत की सूचना ने परिवार को तोड़ दिया। महज एक माह के पलायन में हुई इस मौत ने प्रवासी मजदूरों के दर्द को फिर उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव-क्षेत्र में ही रोजगार मिलता तो विरे...