नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काम लगभग पूरा हो चुका है और प्रधानमंत्री मोदी ने इसका उद्घाटन भी कर दिया है, जिससे अब दोनों शहरों के बीच का सफर मात्र 2.5 घंटे का रह जाएगा। हालांकि, गाजियाबाद के लोनी में एक दो-मंजिला घर इस प्रोजेक्ट के मुख्य रैंप के रास्ते में बड़ी बाधा बना हुआ है। यह मकान 28 साल पुराने कानूनी विवाद में फंसा है क्योंकि किसान परिवार ने पुरानी दरों पर मुआवजा लेने से इनकार कर दिया था। विवाद के कारण एनएचएआई को एक वैकल्पिक पतला रास्ता बनाना पड़ा है, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है। फिलहाल मामला अदालत में है। नजरें अदालत के फैसले पर रहेंगी।मेन रैंप के ठीक रास्ते में खड़ा है मकान न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे में जब यह एक्सप्रेसवे चालू होने जा रहा है तब एक अजीब रुकावट इसके सुचारू रूप से शुरू हो...