गोरखपुर, मार्च 23 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। आरओ प्लांट और वाहन धुलाई केंद्रों के भू-जल के अत्यधिक दोहन और बर्बादी को रोकने के लिए पिछले साल नगर निगम ने आरओ प्लांट और वाहन धुलाई केंद्र संचालकों का पंजीकरण और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य किया। वार्षिक पंजीकरण और मासिक शुल्क के प्रावधान बनाएं लेकिन अब तक सिर्फ 108 आरओ प्लांट और 38 धुलाई सेंटर ही पंजीकृत हैं लेकिन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम किसी ने नहीं लगाया। न ही किसी पर अब तक नगर निगम का जलकल विभाग कोई जुर्माना लगाया है। मासिक शुल्क और पंजीकरण नवीनीकरण पर जोर है। पर्यावरण के क्षेत्र में सक्रिय हेरिटेज फाउंडेशन के मनीष चौबे एवं आशीष कुमार कहते हैं कि महानगर में 500 के करीब आरओ प्लांट और 1000 से ज्यादा धुलाई सेंटर हर दिन कई लाख किलोलीटर भूगर्भ जल का दोहन कर रहे लेकिन बदले में भूमिग...