धनबाद, फरवरी 19 -- धनबाद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ब्लड सेंटर में जीवनरक्षक सेवाएं उपकरणों की कमी से जूझ रही हैं। यहां मौजूद दो ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर में से एक लंबे समय से खराब है। दूसरी सेपरेटर भी जर्जर हालत में है। किसी तरह काम कर रही है। कभी भी खराब हो सकती है। दोनों मशीनें लगभग 10 वर्ष पुरानी हैं। ऐसे में यदि चालू मशीन ने भी काम करना बंद कर दिया तो ब्लड को विभिन्न कंपोनेंट्स में अलग करने की प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो जाएगी। बता दें कि ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर के जरिए ही होल ब्लड से प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और पैक्ड रेड सेल्स अलग किए जाते हैं। इससे एक यूनिट रक्त से तीन मरीजों का इलाज संभव हो पाता है, लेकिन मशीन खराब होने की स्थिति में यह प्रक्रिया नहीं हो सकेगी और अस्पताल को केवल होल ब्लड पर निर्भर रहना पड़ेगा। इससे होल ब्लड की खपत बढ़ेगी और आप...
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