नई दिल्ली, सितम्बर 9 -- पश्चिम बंगाल की आगामी विधानसभा उपचुनावों से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम, फंड और उसके मशहूर चुनाव चिन्ह 'जोड़ा फूल' (घास-फूल) के आधिकारिक मालिकाना हक को लेकर घमासान चरम पर पहुंच गया है। 1998 में पार्टी की स्थापना के बाद से यह तृणमूल के 28 साल के इतिहास का सबसे बड़ा अंदरूनी संकट माना जा रहा है। यह सियासी और कानूनी लड़ाई पार्टी की संस्थापक ममता बनर्जी (कालीघाट गुट) और बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ('ऋत-टीएमसी' गुट) के बीच जारी है।कब और कैसे शुरू हुई TMC में बगावत? 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हाथों मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष का ज्वालामुखी फूट पड़ा। यह भी पढ़ें- जहां से हारी थीं, वहां से फिर चुनाव लड़ेंगी ममता बनर्जी? आ गई उपचुनाव की तारीख जून 2026 में पार्...