बलिया, मार्च 31 -- बलिया, संवाददाता। जनपद में एक पखवारे में नर्सिग होम में जच्चा-बच्चा की मौत की कई घटनाएं हो चुकी है। हालांकि हर बार किसी न किसी मौत के बाद ही स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटती है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में पूरे जनपद में करीब 80 निजी अस्पतालों का पंजीकरण है। हालांकि हकीकत में इनकी तादात सैकड़ों में है। अवैध अस्पतालों की जांच-पड़ताल के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन सदस्यीय टीम गठित है। इसके अलावे सम्बंधित सीएचसी-पीएचसी के अधीक्षकों को भी अवैध नर्सिंग आदि की जांच करने की जिम्मेदारी है। लेकिन इसके बावजूद तकरीबन हर जगह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की सांठगांठ से अवैध अस्पतालों का संचालन होता है। सूत्रों की मानें तो कुछ अवैध अस्पतालों से हर माह मोटी रकम ली जाती है। वैसे कमिश्नर आजमगढ़ के सख्ती के बाद अब पूरे ज...
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