अंबेडकर नगर, मार्च 1 -- दुलहूपुर, संवाददाता। बंदों पर रहमत की बारिश करने वाला माह-ए-रमजान का पहला अशरा को मुकम्मल हो गया। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार रमजान को तीन अशरों में तकसीम किया गया है। पहला रहमत, दूसरा मगफिरत और आखिरी अशरा जहन्नुम से निजात का होता है। सुन्नी मदीना जामा मस्जिद जुरियन कटुई सिकंदरपुर में खतीबे अहले सुन्नत हजरत मौलाना सरताज अहमद खतीबो इमाम मदीना मस्जिद ने रमजान उल मुबारक के फजाइल बयान करते हुए कहा कि यह महीना नेकियों का महीना है। इस पाक महीने में अल्लाह तआला एक नेकी के बदले सत्तर गुना सवाब अता फरमाता है। उन्होंने कहा कि इफ्तार के वक्त रोजेदारों की दुआएं खास तौर पर कबूल होती हैं और अल्लाह अपने बंदों को नेमतों से नवाजता है। मौलाना ने मुसलमानों से अपील की कि रमजान शरीफ में पड़ोसियों के हुकूक का खास ख्याल रखें, किसी को तकली...
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