प्रयागराज, जून 8 -- प्रयागराज। आम नागरिकों को सहूलियत देने के लिए प्रयागराज को कमिश्नरेट तो बनाया गया, लेकिन कमिश्नरेट में अधिकारों का बंटवारा कुछ ऐसा हो गया है, जिससे आम नागरिक परेशान हैं। वो न्याय की गुहार लेकर पुलिस के पास जाते हैं तो उन्हें डीएम कार्यालय भेजा जाता है और डीएम कार्यालय भेजने पर उन्हें पुलिस के पास भेजा जाता है। मामला है धारा 45 का। इस धारा के तहत जमीन के सीमांकन का काम किया जाता है। कमिश्नरेट बनने से पहले इस धारा के तहत एडीएम कार्यालय में सुनवाई होती थी। अगर मामला सिविल कोर्ट में नहीं जाता था तो शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एडीएम स्तर पर इस पर निर्णय दिया जाता था, लेकिन कमिश्नरेट बनने के बाद इस धारा का अधिकार पुलिस के पास चला गया है। क्योंकि शांति व्यवस्था के आधार पर निर्णय लेना होता है। अब रोजाना दर्जनों लोग पुलिस आ...