हापुड़, अप्रैल 10 -- शुक्रवार को बाबूगढ कृषि विज्ञान केन्द्र पर उर्वरकों का प्रयोग जागरूकता अभियान के तहत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। केन्द्र के प्रभारी डा. अरविन्द कुमार ने बताया कि, कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए उर्वरकों का प्रयोग आवश्यक है। लेकिन यदि इनका उपयोग असन्तुलित रूप से किया जाए, तो यह लाभ के बजाय हानि का कारण बन सकता है। केन्द्र के मृदा विशेषज्ञ डा.अशोक सिंह ने बताया कि सन्तुलित उर्वरक प्रयोग का अर्थ है। फसल की आवश्यकता के अनुसार सही मात्रा में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों का उचित अनुपात में उपयोग करना। आज के समय में कई किसान केवल नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों (जैसे यूरिया) का अधिक प्रयोग करते हैं, जिससे फसल की वृद्धि तो तेजी से होती है, लेकिन उत्पादन की गुणवत्ता घट जाती है। उन्होंने बताया कि मिट...