महाराजगंज, अगस्त 29 -- नवीन विषेन। महराजगंज। यह भी पढ़ें- नेपाल में नई चेतावनी जारी, दूसरी बार बाढ़ आने का खतरा; मरने वालों की संख्या बढ़ी आपदाओं व त्रासदी से जूझ रहे पड़ोसी राष्ट्र नेपाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अप्रैल 2015 में भूकंप की सबसे बड़ी त्रासदी से उबरकर बाहर आए नेपाल ने पिछले साल सत्ता परिवर्तन के दौरान जेन-जी आंदोलन में बहुत नुकसान सहा। अब तिब्बत बार्डर के रसुआगढ़ फ्लैश फ्लड ने नेपाल की कमर ही तोड़कर रख दी। 2015 की भूकंप त्रासदी में नौ हजार लोगों की जान गंवाने वाले नेपाल में रसुवा त्रासदी में अब तक 469 से अधिक लोगों की मौत होने और एक हजार लोगों के लापता होने की बात सामने आ रही है। वहीं अभी गंडक से लगातार शव मिल रहे हैं। यह भी पढ़ें- विनाशकारी बाढ़ से नेपाल हुआ तबाह, कितना बड़ा नुकसान? मंत्री ने बताया अब कैस...